बुधवार, 23 नवंबर 2011

He is a NATO guy

Amethi has 39.5% literacy level (national average being around 65%), (2) Around 50% population is below poverty line (3) Only 15% population has access to electricity (4) Vaccination level is below 16% (5) Around 16% of children die below age of 5 years (6) Amethi received Rs.3.06 crore as developmental fund (or MPLAD) from Govt. of India in 2009-10 of which Rahul Gandhi used merely 5.89% (0.18 crore). SECOND, let us see his record as a champion youth icon Member of Parliament : (1) The national MP attendance average in the parliament is 77%. Rahul Gandhi's attendance is 47%. (2) National average for questions asked by MPs in parliament is 119. Rahul Gandhi asked ZERO questions. (3) The national average for Debates attended by MPs is 15.6. Rahul Gandhi attended ZERO debates. (source: PRS Legislative) This so-called youth icon and leader is a farcical creation of the media.
This guy cannot do anything. He is a NATO guy, that is NO ACTION TALK ONLY. Surprised to hear that he didn't even talk to people. Good Luck to India and Congress Party. We can see more tamashas.

मंगलवार, 22 नवंबर 2011

देखें एक बिन माँ बाप के बच्चे की तस्वीर

देखें एक बिन माँ बाप के बच्चे की तस्वीर, अरे ओ मीडिया वाले क्या ये बच्चे तुम लोगों को नजर नहीं आ रहे है ????????










अमिताभ बच्चन के घर में बच्चा हुआ उसको दिखा रहे हो लेकिन सड़क के किनारे ऐसे हजारों अनाथ बच्चे पड़े हैं ये नजर नहीं आ रही है ?
शायद मीडिया वालों की कैमरे की आँख इनको देख पता ?

कुछ लेख

काम्युनाल मीडिया खुद को धर्म निरपेक्ष्य साबित करने के लिए नीच से नीच हरकत  करने में पीछे  नहीं  हटेगा,ये जिस दिन सच्चा धर्म निरपेक्ष्य बन जायेंगे उसी दिन इनके आका लोग इनको धक्के मार कर मीडिया से निकाल देंगे  |
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गरीव को आज तक किसने पहचाना ? सब अमीर के पीछे पागल है पर्टिकुलर मीडिया वाले इनका क्या कहना जब इनका खाने की बारी आती है तो ये किसी अमीर के पीछे लग जायेंगे इन्होने कभी किसी गरीव को देखा है क्या ? कभी किसी गरीव के बारे में सोचा है क्या ? सिर्फ और सिर्फ पैसे के पीछे पागल है ये मीडिया वाले ||
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शराब हो या मदिरा बात प्रायतः एक ही है मतलब नशा, इसे पैसे वाले लोग बार में या किसी किसी ने अपने घर पर ही बार खोल रखे हैं और बैठ कर पीते हैं और गरीव बेचारे भट्टी में पीते हैं और किसी किसी ने भट्टी से लाकर घर पर पीते हैं || पैसे बाले पीकर हुडदंग करते हैं लेकिन सम्मानित जन होते हैं इसीलिए उनकी उटपटांग हरकतों को नजरअंदाज़ कर दिया जाता है लेकिन गरीव बेचारा हुडदंग करते ही पोलिस या साधारण जनता के हाथों से  पिट जाता है || पैसे वाले की इज्जत बेआबरू होने से बच जाती है लेकिन गरीब की इज्जत का जनाजा निकाल जाती है || जब पैसे वाले नशे की हालत में आधी रात को घर पहुँचते हैं शायद ही उनकी बीवी या बच्चे उनके इन्तजार में बैठी रहते हो क्यूंकि उनको पता है वो होटल से भर पेट खा कर आयेगा, लेकिन गरीब की बीवी और बच्चे उसकी इन्तजार में बिना खाए जागते रहते हैं कि वो कब आएगा उसके साथ सब मिल कर खायेंगे लेकिन ये नसे में धुत होकर घर पहुँचते ही लढना झगड़ना शुरू कर देता है और उसके बीवी बच्चे वैसे ही बिना खाए शो जाते हैं, पैसे वाले की मकान बहुत बड़ी होती है उसके अन्दर की लढाई झगडे की शोर बाहर नहीं पहुँच पाता है चार दिवार की अन्दर दब जाता इसीलिए वो इज्जतदार बन जाता है और गरीब की झोपडी से जो शोर निकलता है वो महल्ले से बाहर निकाल आती है इसीलिए उसकी इज्जत का जनाजा निकाल जाता है और बेचारा गरीब की इज्जत की नीलामी के साथ साथ पैसे की भी बर्बादी हो जाती है और पैसे बाले लोग आपने इज्जत को बचाने के लिए पैसे की बर्बादी करते हैं ||     
    

रविवार, 20 नवंबर 2011

वाह क्या बात है ..............

वाह क्या बात है ..................
चोरी करने वाला सीना ठोक कर कहता है मैं सच्चा हूँ,
चोर का साथ देने वाला ठग भी कहता है कि मैं सही हूँ,
जिसने चोरी होते हुए देखा वो भी कहता है
चोर चोरी नहीं कर रहा है वो तो समाजसेवक है |
सारी दुनिया जानती है कि वो एक डकायत है
लेकिन उसके रखवाले कहते हैं कि वो डकायत नहीं
वो तो साधू है ||,
वाह भाई वाह क्या बात है.................
लोगों का घर जलाना,खेत खलिहानों को लूटना
लोगों को डराना धमकाना,लोगों से जबरन पैसा असुली करना
पैसा न मिलने पर हत्या करना अगर समाजसेवा है साधुता है
तो फिर क्यूँ न हम लोग भी इस महान काम में लग जाएँ
इससे समाजसेवक होने की वाह वाही मिल भी जायेंगे
और तो और आप के बड़े बड़े रखवाले भी निकल आएंगे ||
वाह भाई वाह क्या बात है ........................




स्वामी रामदेवजी, नरेन्द्र मोदीजी और सुब्रमनियम स्वामीजी से ही क्यों डरती है कांग्रेस ?


स्वामी रामदेवजी, नरेन्द्र मोदीजी और सुब्रमनियम स्वामीजी से ही क्यों डरती है कांग्रेस ?

१-स्वामी रामदेव जी के तर्क के आगे कांग्रेस के तथाकथित प्रवक्ता ५ मिनट भी नहीं टिकते है और काले धन के बारे में प्राप्त होती नयी नयी खातेदारो की सूचि से सरकार परेशान हो चुकी है की अब जनता को कैसे बरगलाया जाये. .

२- राम देव जी के पास कांग्रेस का वास्तविक इतिहास का साक्ष्य है, उनके खानदानी नेताओ की असलियत, उनके कारनामो का काला चिटठा, नेहरू और गाँधी खानदान की जड़, उनका हिंदूविरोधी होने का कारन सब कुछ उजागर हो चूका है. कांग्रेस के हिंदू विरोधी कानूनों की वजह सबको मालूम पड़ गयी है.

३- रामदेव जी का एक स्थाई कार्यकर्ताओ की जमात का खड़ा हो जाना जो की सिर्फ राष्ट्रवाद के नारे से जुड़ा हुआ है और इन कार्यकर्ताओ का जल्दी से जल्दी व्यवस्था और सत्ता परिवर्तन की अकुलाहट कांग्रेस के लिए चिंता का कारन है.

४-रामदेव जी का काले धन पर अगले साल शुरू किया किया जाने वाला निर्णायक आन्दोलन कांग्रेस को बहुत ही भारी पड़ेगा अब जब की कांग्रेस के लोग खुले तौर से स्वामीजी का विरोध करना शुरू कर दिये है, उस समय जब पूरा देश कांग्रेस के विरोध में है,यूपी के चुनाव सर पर है, स्वामी जी एक आवाज़ कांग्रेस के लिए मिट जाने का सबब बन सकती है.

५- कांग्रेस का कालेधन पर देश को गुमराह करना, कालेधन को वादा करने के बावजूद राष्ट्रीय संपत्ति घोषित न करना, शातिराना तरीके से ७० देशो से दोहरा कराधान समझौते की आड़ में जानकारी उजागर न करना, प्रणव का ऐसे समझौते करना जिससे की अप्रैल-२०१२ के पहले जानकारी नहीं मिलाने की बाध्यता, पैसे का श्रोत, मात्रा , पैसे का मालिक, पैसा चुराने का समय, खाता धारक को कानून से बचा के रखने की सरकार की जिम्मेदारी जैसे देशद्रोही कानूनों पर दस्तखत कांग्रेस को डुबो देगी.

६-सुब्रमनियम स्वामी जी का अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का नेटवर्क, उनके छात्रों का भारत और विदेशो में शीर्ष पदों पर काम करना, उनकी इमानदारी, उनका ज्ञान, उनका राष्ट्र प्रेम, उनका युवाओ में लोक प्रिय होना, उनका कानून का जानकार होना, स्वामी रामदेवजी की शीर्ष सूचि में उनका नाम होना, एक राष्ट्रीय पार्टी जनता पार्टी का अध्यक्ष होना, कांग्रेस / नेहरू खानदान का पक्का विरोधी होना, सोनिया और राहुल का असली रिकार्ड उनके पास होना, सोनिया के कारनामो की फेहरिस्त का सबूत होने की वजह से और हिन्दुवादी मुखर नेता होने की बजह से कांग्रेस सबसे ज्यादा इन्ही से डर रही है. और यदि दोनों स्वामी मिलकर साथ आ जाये तथा मोदी का साथ भी मिल जाये तो कांग्रेस सफाया निश्चित है.

७-हिंदू युवाओ में मोदी की हीरो की छवि और मोदी का हिन्दुवादी कट्टर नेता की छवि, आर एस एस की पहली पीएम पसंद होना, दक्षिण भारत में हिन्दुओ के मोदी की कड़क नेता की छवि, मोदी का रामदेवजी के बचाव में खड़े होना, गुजरात में विकास पुरुष की छवि बनाना, भाजपा के युवा कार्यकर्ताओ में मोदी का पीएम का उम्मीदवार होना कंग्रेस के बड़ी परेशानी का सबब है. नयी पीढ़ी और सूचना संचार से जुड़े युवाओ के हीरो मोदी ही है जो कांग्रेस के प्रचार तंत्र पर भारी पड़ रहे है. कांग्रेस को बिकी हुई मिडिया और इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन का सहारा है.

आने वाले नए साल में नए सिरे से कालेधन को भारत लाने के अभियान में पूरी तरह से शामिल होने की तैयारी करें और इस आन्दोलन को निर्णायक आन्दोलन साबित करे.

थमेंगे रथ के पहिए घूमेगा सियासी चक्र

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर यूपीए सरकार के खिलाफ निकले भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के रथ के पहिए रविवार को भले ही थम रहे हैं लेकिन उनसे उठी सियासी आंधी संसद पर दस्तक देने को तैयार है। काले धन और भ्रष्टाचार को लेकर केंद्र के खिलाफ भाजपा का महासंग्राम अब सड़क से संसद की चौखट तक पहुंचने जा रहा है। देश भ्रमण के दौरान अपनी जनचेतना यात्रा के जरिए भाजपा नेता तो यह संदेश देते ही आ रहे थे लेकिन रविवार को इसका और स्पष्ट खुलासा हो जाएगा जब रथ से उतरकर आडवाणी सरकार पर और दूने तेवरों के साथ चढ़ाई करेंगे।

जो मास्टरमाइंड, उन्हें छोड़ जा रहा
कैश फॉर वोट कांड को भ्रष्टाचार पर कड़ाई करने की यूपीए की कथित नाकामी साबित करने का सियासी अस्त्र बना रही भाजपा ने तो मामले में तिहाड़ में बंद रहे अपने पूर्व सांसदों को सम्मानित कर यही संदेश दिया है कि इस मुद्दे का इस्तेमाल प्रमुख विपक्षी दल किस तरह करने जा रहा है। भाजपा लगातार यही कहती आ रही है कि कैश फॉर वोट की सच्चाई सामने लाने वाले उसके सदस्यों पर कार्रवाई की जा रही है और जो मास्टरमाइंड हैं उन्हें छोड़ा जा रहा है।

देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को महंगाई की वजह बताकर इस मुद्दे को आम आदमी से सीधे जोड़ चुके आडवाणी कांग्रेस को जनता की नजरों में दोषी ठहराने की हर संभव कोशिश करते नजर आएंगे। पिछले कई माह में सरपट भागते रोजमर्रा की वस्ुतओं के दाम और उन पर लगाम लगाने में सरकार की कथित नाकामी के आरोपों से संसद तो गूंजेगी ही। साथ ही जनचेतना यात्रा के दौरान जनता से संवाद कर लौटे आडवाणी सरकार को जन अपेक्षाओं के बारे में बताने का भी कोई मौका नहीं चूकेंगे।

भ्रष्टाचार से त्रस्त जनता को केंद्र सरकार से राहत नहीं मिलने से दोहरी निराशा का जिक्र तो आडवाणी लगातार करते आ रहे हैं। रथयात्रा समापन से दो दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधकर आडवाणी ने साफ कर दिया है कि भाजपा ने यूपीए अध्यक्ष को भी असहज करने की पूरी रणनीति तैयार की है। आडवाणी ने कहा भी कि देश को परेशान कर रहे कई अहम मुद्दों पर तो सोनिया गांधी का रुख ही आज तक कोई नहीं जानता है।

गुजरात में गौ हत्या पर 7 साल की सजा

 गुजरात में गौ हत्या करने वालों की अब खैर नहीं। गुजरात सरकार ने गौ हत्या पर जुर्माने और सजा के नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है। मंगलवार को इससे जुड़ा विधेयक सर्वसम्मति से विधानसभा में पारित कर दिया गया। इस विधेयक के मुताबिक गाय को हत्या के नीयत से ले जा रहे शख्स को 7 साल जेल हो सकती है। 

गौ हत्या को बैन करने वाले गुजरात एनिमल प्रेजर्वेशन ऐक्ट (जीएपीए) 1954 में इस इरादे से मवेशियों को ले जाते वक्त पकड़े जाने वालों पर कार्रवाई का कोई प्रावधान नहीं था। मंगलवार को गुजरात एनिमल प्रेजर्वेशन (संशोधित) बिल 2011 पेश करते हुए राज्य के कृषि मंत्री दिलीप संघानी ने कहा कि नए कानून में गौ हत्या के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़े प्रावधान किए गए हैं। इस विधेयक को विपक्षी कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है। 

इसके तहत गौ हत्या पर 6 माह की सजा को बढ़ाकर 7 साल और जुर्माना 1,000 से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया है। नए विधेयक में हत्या के मकसद से गायों को ले जा रहे वाहन को भी जब्त करने का प्रावधान किया गया है। कृषि कार्य या पालन के उद्देश्य से मवेशियों को एक से दूसरी जगह ले जाने के लिए पूर्व अनुमति लेनी पड़ेगी। 

दूसरी तरफ विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि मालधारी समुदाय के बीच सरकार के प्रति गुस्सा है। गोहिल के मुताबिक 1980 में राज्य में जहां 3,32,000 हेक्टेयर भूमि गायों के चरागाह के तौर पर मौजूद थी जो एक साल पहले तक सिकुड़ कर बेहद कम रह गई है। सरकार ने इसमें से ज्यादातर जमीन उद्योगपतियों को बेच दी है।